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Saturday, July 02, 2022

2: Bihar, China, Ukraine, Mumbai



गगन थापासंग चुनाव लड्दै सेयर सुन्दरी राधा स्रोतका अनुसार महानगरमा स्वतन्त्रबाट बालेन साहले शानदार जित हासिल गरेपछि लगानीकर्ताहरुवाट पोखरेललाई राजनीतिमा आउन देश विदेशबाट दबाब आइरहेको छ ।

Thursday, June 16, 2022

बिहार को २०% आर्थिक वृद्धि दर देने के लिए फोर्मुला: सब्जी और फाइवजी (5G)




मैंने कल्ह प्रशांत किशोर को ट्विटर पर डायरेक्ट मेसेज किया तो उन्होंने तुरन्त जवाब दिया। कि अपना नम्बर यहीं पर भेजिए, मेरे टीम से कोइ आप से सम्पर्क कर लेगा। मैंने नम्बर भेज दिया। व्हाट्सप्प यूनिवर्सिटी का मैं भी असिस्टेंट लेक्चरर। 

२०% आर्थिक वृद्धि दर किसी ने नहीं दिया। चीन भी १० तक आ के अटक गया। अब तो वो १० भी रफुचक्कर है। अमरिका दो करता है तो खुद की वाहवाही करने लगता है। कि हमने दो किया। ब्रिटेन तो अभी भी चोरी ही करता है। कहा जाता है (और ये तथ्यांक है) ब्रिटैन ने २०० साल में भारत से ४५ ट्रिलियन डॉलर की चोरी की। तो चोरी तो बरक़रार है। छोटे छोटे ढेर सारे टापु हैं जहाँ दुनिया भर ले लुटा पैसा लंदन के बैंको तक ले जाने का काम होता है। उस प्रत्येक टापु पर ब्रिटेन का शासन है। 

पहला काम ही फाइवजी (5G) --- सही मापदंड के आधार पर सही कंपनी को लाइसेंस दिजिए, उससे पैसा लिजिए, और वो पैसा शिक्षा और स्वास्थ्य पर खर्चा किजिए। देश के कोने कोने में फाइवजी (5G) है तो सरकारी सेवा अभी से ९०% कम खर्चे में नागरिक तक पहुँचाया जा सकता है और अभी से १०० गुना बेहतर। सरकारी सेवा घर घर। ८०% सरकारी वेतन वालों की छुट्टी। उनको निजी क्षेत्र में भेजो ताकि दुगुनी कमा सके। 

रोजगारी असीमित है लेकिन इंटरनेट पर है और दुनिया के कोने कोने में। लेकिन उसके  लिए शिक्षित होना जरूरी है। ये मान के चलिए उससे सिर्फ २०% लोग लाभान्वित होंगे। 

बाँकी ८०% के लिए सब्जी खेती। कोशी नदी पर चुरिया पहाड़ पर नया डैम। पुर्ण बाढ़ नियंत्रण। १२ माह प्रत्येक खेत तक पानी। पुर्ण बाढ़ नियंत्रण का मतलब नेपाल से ५०,००० मेगावाट बिजली मिलने लगेगा। कोलकाता बंदरगाह तक रेफ्रिजरेटेड ट्रेन। सब्जी जाएगी दुबई से शंघाई तक, सिंगापुर से सिडनी तक। मुंबई तो जाएगी ही। 

आज अगर नालंदा का स्थापना करना पड़े तो किताब और रिसर्च जर्नल सब ऑनलाइन होंगे। कॉस्ट सीधे आ जाता है जीरो पर। 




Fed delivers jumbo 0.75% rate rise The Federal Reserve hiked interest rates by a super-sized three-quarters of a percentage point Wednesday — the biggest increase since 1994 — and said it may do so again in July in a bid to bring inflation to heel. Consumer prices have crested to the highest level in 40 years, reaching an annual 8.6% in May. The central bank's benchmark federal funds rate now stands at a range between 1.5% and 1.75%, and the Fed said rates could hit 3.4% by the end of the year — the highest since 2008 — and 3.8% by the end of 2023. ......... The Fed expects economic growth to slow to 1.7% this year as borrowing becomes more expensive, and for unemployment to reach 3.7% by the end of this year and 4.1% through 2024.



Tesla shifts cuts into higher gear



Improving communication across distributed teams



Artificial Intelligence is the future & the future is here! The global Artificial Intelligence(AI) market is valued approximately at USD 350 billion and annual growth rate is estimated to be roughly 38%.

Wednesday, June 15, 2022

प्रशांत किशोर और २०२४ का चुनाव




हम मोदी जी के प्रशंसक हैं। अच्छा काम किया है और कर रहे हैं। उद्यमी के लिए काम करना (Ease Of Doing Business) आसान किया है। पुर्वसंरचना (Infrastructure) पर काम हो रहा है। नितिन का काम देखो। लेकिन शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र ब्लाइंड स्पॉट की तरह है। जिस पृष्ठभुमि से आए हैं और जहाँ पर पहुँचे हैं वो एक मिशाल है। विश्व मंच पर देश के लिए एक जगह बना लिया है। 

लेकिन १०% आर्थिक वृद्धि दर तो दिया नहीं। २०% देंगे ये तो संभावना दिख नहीं रहा। 

और विपक्ष बिलकुल असफल है। बगैर एक सबल विपक्ष के लोकतंत्र ही कमजोर हो जाता है। 

बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखण्ड, मध्य प्रदेश, ओरिसा जैसे चार पाँच राज्यों में प्रशांत को खुद जाना होगा। उसके अलाबे देश भर एक मोर्चा बनाना होगा। मोर्चा का फोर्मुला हो कि एक पद एक उम्मेदवार देश भर। और चुनाव के बाद सभी सदस्य पार्टी सांसदों की एक निर्वाचक मंडल। वो निर्वाचक मंडल मतदान कर कि मोर्चा का नेता कौन हो। उतना मानने वाले पार्टी मोर्चा के सदस्य बन सकते हैं। नहीं मानने वाले नहीं बन सकते।  वो कांग्रेस पर भी लागु होती है।   

ऐसा भी हो सकता है कि कांग्रेस इस बात को न माने। और उसके विरुद्ध भी चुनाव लड़ना पड़ जाए। 

इस रास्ते चल के देश के लिए दोनों हाथ में लड्डु। मोर्चा ने सरकार बनायीं तो सरकार बनायीं। नहीं बना पायी तो देश को सबल विपक्ष मिल जाएगा। 


Wednesday, May 11, 2022

Prashant And 2024



I think Prashant Kishor is going to be forced to run for parliament.

You can't do a Padyatra and not launch a party. You can't say I will sit 2024 out, and launch a party for 2025. That would not work.

Prashant is the only person who could form an all India coalition of opposition parties. Congress would be the junior partner.

This should not be an alliance but a confederation. All MPs of the alliance would come together to form a formal decision making body. It would elect its leader. Simple as that. I don't think Rahul stands a chance.

The Mahatma's magic is not in his last name, although it is good branding. The Mahatma's magic is in his thoughts, ideals and methods.

Remember, he experimented. My Experiments With Truth? He asks you to experiment. He does not ask you to simply accept his conclusions like rote learning.

The rule for the alliace would be, only one candidate per constituency.

You do those two things, and you put yourself in a position to collect the 60% of the votes that have always been out of reach for the BJP.

Prashant Kishor is not a political consultant, or a political strategist. Those terms don't describe him. He is a political talent. I can't think of another example like him on the planet. And I follow the politics of many countries.

I think he could give India a 20% growth rate. Perhaps not in year one, or year two, but by year three or four.

That would be world changing. Literally. Most of the poor people on earth live in India. It's not Africa.

I have a suggestion for a name for his party. Navajagaran. Meaning: New Beginnings. The current fashion when you launch a political party is to give it a one word name.

Prashant could get his party to contest every seat in Bihar, in Uttar Pradesh, and also Madhya Pradesh. Yes, the Congress has been number two in many contituencies in MP. But if you have been number two election after election after election, that is not being number two. You need to vacate the scene. Possibly even a chunk of Maharashtra, a chunk of Gujarat.



Monday, May 09, 2022

सुसाशन और समृद्धि: प्रशांत २०२४




प्रशांत किशोर को आगे क्या करना चाहिए? पदयात्रा का निर्णय बहुत अच्छा है। पार्टी लॉन्च करिए। देश का चुनाव २०२४ को है। बिहार का चुनाव को उसके एक साल बाद है। तो अभी बनता है कि आप केंद्र में जाने की सोंचिए। पदयात्रा करिए। पार्टी खड़ा किजिए। बिहार के ४० सीट और उत्तर प्रदेश के ८० सीट पर लड़िए। और एक राष्ट्रव्यापी अलायन्स बनाइए। चुनाव से पहले का अलायन्स।  

Ease Of Doing Business पर मोदी ने अच्छा काम किया है लेकिन उससे भी अच्छा काम करना संभव है। Infrastructure पर मोदी ने अच्छा काम किया है लेकिन उससे भी अच्छा काम करना संभव है। शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में केजरीवाल ने अच्छा काम किया है लेकिन उसको राष्ट्रिय स्तर पर करना जरूरी है। 

बिहार को २,००० साल पहले वाला गौरव चाहिए। 

बिहार में प्रशांत एक लोकतान्त्रिक पार्टी खड़ा करते हैं तो मुख्य मंत्री का चेहरा कोइ आ जाएगा। मुख्य मंत्री प्रशांत को बनना है वो कोइ जरूरी नहीं। प्रशांत की जरूरत दिल्ली में है। अलायन्स जिते तो वो प्रधान मंत्री बन सकते हैं। नहीं जिती तो अभी कोइ ऑप्पोजीसन लीडर है ही नहीं। 

प्रशांत किशोर अकेला वो सख्स हैं जो विपक्ष को एक जगह ला सकते हैं। 

प्रशांत भारत को २०% का आर्थिक वृद्धि दर दे सकते है। ऐसा मेरे को लगता है। 

प्रशांत का उम्र कोइ कम नहीं है। ४५। ओबामा राष्ट्रपति बने ४६ के उम्र में। 







Saturday, May 07, 2022

Finally Prashant

You can not turn an IBM into a Google. You can not turn a Google into a Tesla. Prashant Kishor's attempts to resurrect the Congress party have been like beating a dead horse. Modi still has considerable momentum, especially on the econmic growth front, but Bihar is an open game. Prashant Kishor is easily the sharpest mind on the Indian political scene. He should apply that to Bihar. I think he could sweep Bihar and become its next Chief Minister. He could at the same time give India a vibrant opposition. And he could be the man after Modi. Modi might win again in 2024, but the election after that is open season. After 15 years in power, I expect the BJP to have become a little heady, and the opposition energized. And who better to energize the oppsotion than Prashant Kishor? He is the only leader in the opposition who manages to cross borders and party lines. Rahul Gandhi nobody outside the Congress accepts. Mamata is limited to Bengal. Kejri is a Delhi plus Punjab man. If you think about it, Punjab is just a large suburb of Delhi. Kejri has done good work, but he has not been able to articulate a holistic vision.

To go from being a superstar political strategist to becoming Chief Minister is not a small jump but that is why you go to the people. The padyatra is a political masterstroke.

He should do the padyatra and launch a political party to contest all seats in Bihar, and give it a national name so as to later run also in Uttar Pradesh. The padyatra should go hand in hand with an intense digital campaign to get people to join his party.



Say in 2024 Modi wins 300 seats along with his allies, and the opposition wins 200 plus seats, then those opposition MPs should come together and elect the leader of the opposition democratically. Rahul Gandhi, of course, will have the right to contest. But the victor will be the one who gets the most MPs to vote for him/her and must cross the 51% mark. There might be a second round. That might as well be MP Prashant Kishor. India lacks an opposition. A democracy that does not have a vibrant opposition is not being well served.

Heck. It might even swing the other way. It could be BJP 200 and the opposition 300 plus. Dilli dur hai. BJP ke liye bhi.



Prashant Kishor could win 40 of 40 seats in Bihar in 2024. That is possible.

Prashant Kishor: Why India's top political strategist didn't join Congress
'Truth is…': Prashant Kishor jabs Nitish as Bihar CM says opinions don't matter Prashant Kishor said the truth about Bihar was that even after 30 years of rule by Nitish Kumar and Lalu Yadav, the state continued to remain the poorest and most backward in the country. .
Defending Constitution, not Prashant Kishor’s exit, is Congress’ challenge: Salman Khurshid We know that the Congress is in a make-or-break situation. Election machinery and management are critical for us as we attempt to reverse the trend of the last few years. .
Nitish asserts he gives 'no importance' to PK's assessment of his performance as CM Kishor had contended that Kumar's administration had brought in economic growth but did not succeed in propelling Bihar for a great leap forward .

Infrastructure today means 5G. If you can get educated and come online, you can work anywhere in the world from home. Job creation is no longer a problem. So blanket the state in 5G and engineer a massive investment in education and health for all age groups, but especially the young. Then Bihar is Taiwan, Bihar is South Korea, Bihar is the Bihar of 2,000 yeaers ago. Bihar is in a position to export tutors and yoga teachers all over the world. Ghar baithe baithe.

Floor control will have to be a Nepal-Bihar thing. Enough dams, enogh places, enough irrigation canals, and there will be total flood control.

Road to Nitish bana chuke hain.

I want Prashant to engineer a 20% plus growth rate for India. I think it is possible, and I would like to contribute.

Prashant should launch a party and contest every seat in Bihar and every seat in Delhi in 2024.

Wednesday, June 30, 2021

प्रशांत किशोर को खुद आगे आना होगा

पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले प्रशांत राजनीतिक कंसल्टिंग छोड़ राजनीति मे आ गए थे। नीतिश के घोषित उत्तराधिकारी बन गए थे। फिर नीतिश ने पार्टी से निकाल दिया। बीजेपी के साथ मिल के सरकार चला रहे हैं और पार्टी के उपाध्यक्ष बीजेपी के विपक्ष में बोले पर बोले जा रहे हैं। तो वो फिर राजनीतिक कंसल्टिंग करने आ गए। पश्चिम बंगाल में मारा तमाचा बीजेपी को कस के। पश्चिम बंगाल चुनाव पराजय का राष्ट्रिय महत्व है। 

उसके बाद फिर उन्होंने घोषणा किया कि छोड़ दिया ये सब। अब राजनीतिक कंसल्टिंग नहीं करेंगे। अब राजनीति करेंगे। मुझे बहुत अच्छा लगा। इतना प्रतिभाशाली आदमी। दुसरो को कब तक जिताते रहिएगा? खुद जितने की सोचिए। तो फिर मुम्बइ गए बुलाए मेहमान के तरह। लंच पर क्या खाया वो बात तो बाहर नहीं आयी। लेकिन देश की राजनीति गर्मा गयी। 

थर्ड फ्रंट, फोर्थ फ्रंट, फ़ेडरल फ्रंट, लेफ्ट फ्रंट, यहाँ तक कि युपीए सब घिसीपिटी आईडिया। २०२४ में अगर मोदी को चैलेंज करना है तो कुछ नया करना होगा। मेरे सामने चेहरा आया केजरीवाल का। लेकिन अब कुछ दिन बाद  सोंच रहा हुँ प्रशांत किशोर को ही आगे आना होगा। 

पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले ही उन्होंने घोषणा किया था कि बिहार में बीजेपी ९२ लाख की बात करती है, उनके पास अभी से एक करोड़ बिहारी जुड़ चुके हैं। अर्थात एक नयी पार्टी। तो एक ऐसी पार्टी लांच करिए जो एक साथ पुरे हिंदी बेल्ट को स्वीप करे २०२४ में। नहीं तो कमसेकम बिहार और उत्तर प्रदेश को तो स्वीप करे ही। लोक सभा चलिए। बिहार के आर्थिक प्रगति के लिए जो काम केंद्र से दिल्ली से कर सकते हैं वो पटना से संभव ही नहीं। 

कोइ ऐसा नाम जिस में दल या पार्टी शब्द ही ना हो। नयी दिशा? एमानुएल मेक्रोन एक ही बार में सत्ता में पहुँच गए। प्रशांत किशोर अकेले वो सक्ष हैं जो वो बात भारत में कर सकते हैं। पार्टी का नाम नयी दिशा, मोर्चे का नाम नया मोर्चा। 





Prashant Kishor slammed by JD(U) chief: ‘Democracy not like running a company’ Janata Dal (United) chief RCP Singh said that Prashant Kishor has no base in Bihar. He also said that Kishor has shown prime ministerial dreams to many politicians, according to Live Hindustan. ........ He also said that the election victories in Bihar, West Bengal and Tamil Nadu were due to the voters and not any person ........ Kishor also handled the poll strategy of DMK in the Tamil Nadu assembly elections this year. He had also been a poll strategist for the Janata Dal-United (JD-U) and Rashtriya Janata Dal (RJD) alliance in the 2015 Bihar assembly polls. He was also roped in by the Arvind Kejriwal-led Aam Aadmi Party for the campaign in the run-up to the Delhi assembly elections. ......... Kishor was sacked from the JD(U) in January last year by Nitish Kumar who was the party chief at that time for his stand against the citizenship law that enables the government to fast-track citizenship for non-Muslims from three neighbouring Muslim-majority countries, Pakistan, Afghanistan and Bangladesh.

Kishor had said that he will continue to be politically involved in his home state of Bihar.





Shah Rukh Khan Finds His ‘Hero’ In Prashant Kishore For Web Series As The Duo To Meet At Mannat? Prashant Kishore has previously met Nationalist Congress Party chief Sharad Pawar in Mumbai, and the meeting went for nearly three hours. ......... political strategist Prashant Kishore will meet Shah Rukh Khan at his residence Mannat and discuss the web series project. While there are no details about the project but report claim that it will produce by Khan’s Red Chillies production.



Poll strategist Prashant Kishor bows out on a high Kishor is basking in the glory of the victories of TMC in WB and DMK in Tamil Nadu ......... Kishor, when asked why he wanted to quit strategising for political parties, said he has had enough of it. However, the strategist has so far had a remarkable rate of success as he has designed campaigns for some of the most prominent politicians in the country, and the Trinamool's success in what has been widely recognised as an extremely tough election, has only boosted his stock as a political tactician. ........... A former UN official who has worked in the area of social policy and strategic planning, and a public health expert by training, Kishor's first big political stint was helping Narendra Modi win his third term as chief minister of Gujarat in 2013. ..........

He emerged as Modi's key strategist for all election-related work in 2013, and he and his brainchild Citizens for Accountable Governance helped design an extremely effective campaign for Modi for the Lok Sabha elections in 2014, a highlight of which was the 'Chai Pe Charcha' gatherings.

........... his magic did not work for the Congress in the assembly elections in Uttar Pradesh and Uttarakhand in 2017. .........

The political pandit believes that there can be no war without a general, and insists on the campaign having a face.

His critics, on the other hand, claim that he has been choosing to work with parties that are in any case expected to win.


प्रशांत किशोर क्या बिहार को २०% आर्थिक वृद्धि दर २० साल के लिए दे सकते हैं?